जयंत मलैया पर कार्रवाई, दो खेमों में 'बंटी' बीजेपी, नाराज हो रहे एकजुट!

भोपाल एमपी चौथी बार बीजेपी की सरकार कांग्रेस से इस्तीफा देकर आए विधायकों की बदौलत बनी है। इसके बाद से पार्टी में खलबली मची है। बीते एक साल से एमपी बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता अपनी नाराजगी जाहिर करते रहे हैं लेकिन किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मगर दमोह उपचुनाव मिली हार के बाद बीजेपी ने साफ संदेश दिया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने वाले लोग बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। जयंत मलैया के बेटे सिद्धार्थ मलैया को पार्टी ने सस्पेंड कर दिया है। इसके बाद बीजेपी के कई कद्दावर नेता मलैया के समर्थन में आ गए हैं। दमोह उपचुनाव में मिली करारी हार के वहां के बीजेपी प्रत्याशी राहुल लोधी ने कहा था कि मलैया परिवार की वजह से हम चुनाव हार गए हैं। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी कहा था कि जयचंदों की वजह से हमारी हार हुई है। दमोह में हार के चार दिन बाद ही बीजेपी ने मलैया परिवार को पर कार्रवाई की है। सिद्धार्थ मलैया और चार मंडल अध्यक्ष को बीजेपी ने सस्पेंड कर दिया है। वहीं, जयंत मलैया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जयंत मलैया दमोह से तीस साल तक विधायक रहे हैं। उपचुनाव में अपने बेटे सिद्धार्थ मलैया के लिए टिकट चाहते थे। हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि दमोह उपचुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई पार्टी के सीनियर नेताओं के साथ चर्चा के बाद की गई है। साथ ही उस क्षेत्र के नेताओं से भी बात की गई थी। मैं साफ कर देना चाहता हूं कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। राजनीति में वजूद पार्टी की वजह से हैं और पार्टी हित सर्वोपरि है। सूत्रों ने बताया कि मलैया के खिलाफ कार्रवाई के बाद उन समर्थकों ने पार्टी से रिजाइन किया है। हाल ही में दमोह जिला युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष विवेक अग्रवाल ने पार्टी छोड़ दिया है। हालांकि बीजेपी की तरफ से कहा गया है कि जो कार्रवाई के खिलाफ हैं, उन्हें भी इस्तीफा दे देना चाहिए। बीजेपी ने कहा कि दमोह जिले में, मंडल, ब्लॉक, युवा और महिला विंग के लगभग सभी प्रमुख पदों पर, पिछले 30 सालों से मलैया समर्थकों का कब्जा है। उपचुनाव में इन समर्थकों ने पार्टी के हित के खिलाफ मलैया का समर्थन किया और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। पार्टी नेतृत्व जानता है कि मलैया के समर्थन के बिना कोई भी कार्यकर्ता पार्टी के साथ विश्वासघात नहीं करेगा। वरीय नेताओं से मिलेंगे मलैया वहीं, कार्रवाई के अगले दिन जयंत मलैया ने कहा है कि हम दिल्ली में सीनियर नेताओं से मुलाकात करेंगे। हम पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन महामंत्री बीएल संतोष के समक्ष अपनी बात रखेंगे। उन्होंने कहा कि इससे पहले एक-दो दिनों में मैं भोपाल जाऊंगा। मलैया ने यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल और राहुल लोधी के वार्ड में भी बीजेपी हार गई है। ऐसे में अकेले मैं कैसे हार के लिए जिम्मेदार हूं। दो बड़े नेताओं का समर्थन मलैया पर कार्रवाई के बाद बीजेपी दो खेमों में बंट गई है। कैबिनेट मंत्री गोपाल भार्गव और पाटन से विधायक अजय विश्नोई ने जयंत मलैया का समर्थन किया है। विश्नोई ने ट्वीट कर पूछा है कि चुनाव में हार की जवाबदारी क्या टिकट बांटने वाले और चुनाव प्रभारी भी लेंगे। उनका इशारा प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह की तरफ था।
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