ग्वालियर-चंबल में बाढ़ के बाद बीमारियों का डर, बढ़ने लगे उल्टी-दस्त और बुखार के मामले
ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बाढ़ का पानी कम होने के बाद अब महामारी का डर सताने लगा है। गांवों से पानी निकलने के बाद उल्टी-दस्त जैसी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या अचानक बढ़ने लगी है। प्रशासन की ओर से जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं जिनमें मरीजों का उपचार किया जा रहा है। बाढ़ में अपना सब कुछ गंवा चुके लोगों के लिए समस्याएं कम नहीं हो रहीं। लोगों के घर पानी में टूट चुके हैं। खाने को अन्न का दाना नहीं है। इसके साथ अब लोगों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं भी हो रही हैं। ग्वालियर के ह्रामीण क्षेत्रों में उल्टी-दस्त और बुखार की शिकायत वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। ये समस्याएं केवल इंसान ही नहीं, बल्कि जानवरों में सामने आ रही हैं। प्रशासन ने जलभराव के चलते हुए नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया है। टूटे हुए घरों को बनाने के प्रयास भी शुरू किए हैं। जगह-जगह राहत कैंप लगाए गए हैं जिनमें बाढ़ पीड़ितों के लिए खाने-पीने का इंतजाम है। लोगों को मदद पहुंचाने के लिए प्रशासन विशेष शिविर लगा रहा है। इसके अलावा अलग-अलग जगहों पर स्वास्थ्य शिविर भी लगाए गए हैं। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में प्रशासन बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए खास तौर पर सतर्क है। प्रशासन को डर इस बात का है कि कोरोना वायरस की तीसरी लहर की आशंका पहले से जताई जा रही है। इसके साथ यदि बाढ़जनित स्वास्थ्य समस्याएं शुरू हुईं तो हालात बेकाबू हो सकते हैं।
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