पीएम मोदी ने स्वीकार की सीएम नीतीश की जातीय जनगणना वाली चिट्ठी, इशारे समझिए
पटना बिहार में जातिगत जनगणना को लेकर सियासत तेज है। मुख्यमंत्री के बाद अब बिहार में नेता विपक्ष तेजस्वी यादव भी को चिट्ठी लिख चुके हैं। हालांकि तेजस्वी यादव की पीएम मोदी को चिट्ठी मिली या नहीं, इस बारे में अभी कोई सूचना नहीं है लेकिन नीतीश कुमार की भेजी गई चिट्ठी पीएम मोदी को जरूर मिल गई है। दरअसल जातिगत जनगणना कराने को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को लिखी गई चिट्ठी का नीतीश कुमार को एक्नॉलेजमेंट मिल गया है। एक्नॉलेजमेंट का सीधा सा मतलब यह है कि पीएम मोदी को चिट्ठी मिलने के बाद सीएम नीतीश कुमार को पत्र प्राप्त होने की सूचना भेज दे दी गई है। जल्द नीतीश कुमार को मिल सकता है मुलाकात करने का वक्त चिट्ठी मिलने के बाद उम्मीद की जा रही है कि पीएम मोदी जल्द ही नीतीश कुमार को मुलाकात करने का वक्त देंगे। सीएम नीतीश कुमार नेपीएम मोदी को पत्र लिखकर जातीय जनगणना के मुद्दे पर सर्वदलीय शिष्टमंडल के साथ उनसे मिलने का समय मांगा था। तेजस्वी ने लगाया था पीएम मोदी पर नीतीश कुमार के अपमान का आरोप तेजस्वी यादव ने कल 13 अगस्त शुक्रवार को ही जातिगत जनगणना की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था। तेजस्वी ने आरोप लगाया था कि पीएम मोदी ने जातिगत जनगणना पर बैठक नहीं कर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अपमान किया है, जबकि पीएम अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मुलाकात कर रहे हैं। नीतीश कह चुके हैं कि जातिगत जनगणना से मिलेगी नीतियां बनाने में मददबता दें, सीएम नीतीश कई बार मीडिया के सामने जातिगत जनगणना को लेकर अपनी बात दोहरा चुके हैं। नीतीश कुमार का कहना है कि "हम जाति आधारित जनगणना चाहते हैं और यह हमारी पुरानी मांग है। जाति-आधारित जनगणना सभी जातियों को उनकी सटीक संख्या प्राप्त करने, और फिर उसके अनुसार नीतियां बनाने में मदद करेगी। यह देश के हित में है।"
from https://ift.tt/3g30l2F https://ift.tt/2EvLuLS