गलवान की रणभूमि में चीन को चौंकाया था, ITBP के 20 रणबांकुरों को वीरता पदक
नई दिल्ली देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 1380 पुलिस पदक की घोषणा हुई। आईटीबीपी के 23 जवानों को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वीरता के पुलिस पदक से सम्मानित किया जाएगा। इनमें से 20 जवान वे शामिल हैं जिन्होंने पिछले साल मई-जून महीने में लद्दाख में चीनी सेना के साथ दो-दो हाथ किए थे। आईटीबीपी ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह सीमा पर झड़प और सुरक्षा कर्तव्यों में जवानों को बहादुरी के लिए दिए गए अब तक के सबसे अधिक वीरता पदक हैं। हर साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश की सेवा और बलिदान के लिए वीरता पुरस्कारों की घोषणा होती है। पूरी रात लड़ते रहे थे आईटीबीपी जवानपूर्वी लद्दाख में 15-16 जून की दरम्यानी रात को चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। पूर्वी लद्दाख में चीनी सैनिकों की हिमाकत का भारतीय सैनिकों के साथ-साथ आईटीबीपी ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया था। आईटीबीपी के अनुसार, गलवान में जब चीनी सैनिकों ने पत्थरों से हमला किया तब हमारे जवान पूरी रात लड़े और माकूल जवाब दिया। कुछ जगहों पर आईटीबीपी जवान 17-20 घंटे तक चीनी सैनिकों के छक्के छुड़ाते रहे। इस बार 1380 पुलिस पदक की घोषणा इस बार 1380 पुलिस पदक की घोषणा हुई जिसमें 2 वीरता के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक (पीपीएमजी), वीरता के लिए 628 पुलिस पदक, विशिष्ट सेवा के लिए 88 राष्ट्रपति पुलिस पदक और सराहनीय सेवा के लिए 662 पुलिस पदक शामिल हैं। वीरता के लिए 628 पुलिस पदक में सबसे अधिक जम्मू-कश्मीर को 256 पुरस्कार , सीआरपीएफ को 151, आईटीबीपी को 23 वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा ओडिशा पुलिस को 67, महाराष्ट्र पुलिस को 25 और छत्तीसगढ़ पुलिस को 20 पुरस्कार से नवाजा जाएगा।
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