वोट दा मामला है! ना-ना करते आज मोदी सरकार को 'दिल' क्यों दे बैठा विपक्ष?
नई दिल्ली संसद का मॉनसून सत्र अब समाप्ति की ओर बढ़ चला है लेकिन शुरुआत से ही सदन की कार्यवाही हर दिन हंगामे की भेंट चढ़ जाती है। हालांकि आज संसद का नजारा थोड़ा अलग नजर आया जब OBCआरक्षण बिल पर विपक्ष भी साथ आया। विपक्ष के इस कदम की जानकारी हालांकि पहले से ही थी क्योंकि विपक्ष कतई यह नहीं चाहता कि उसके हंगामे के कारण यह बिल पेश न हो। अब यह बिल लोकसभा में पेश हो गया है। लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने बिल पेश होने के बाद कहा कि सदन की एक जिम्मेदार पार्टी होने के नाते हम अपनी जिम्मेदारी जानते हैं। इसके लिए सभी विपक्षी दलों ने फैसला लिया है कि आरक्षण से जुड़े 127 वें संविधान संशोधन बिल को हमारा समर्थन है। अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि यह बहुमत के बाहुबली हैं इन्होंने हमारी बात नहीं सुनी। चौधरी ने कहा कि इससे पहले जब 102वां संविधान संशोधन लाया गया था तो हमने कहा था कि प्रदेशों के अधिकारों का हनन नहीं किया जाए। हम लोगों ने सरकार को सचेत किया था। आज जब हिंदुस्तान के आम लोग, अन्य पिछड़ा वर्ग के लेागों ने आंदोलन किया तो उनके डर से सरकार को यह विधेयक लाना पड़ा। इस दौरान सदन में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी उपस्थित थीं। केंद्र सरकार ने आज OBC आरक्षण से जुड़ा अहम बिल लोकसभा में पेश किया। इस बिल के पास हो जाने के बाद अब राज्यों को अपनी ओबीसी लिस्ट बनाने का अधिकार होगा। 127 वें संविधान संशोधन बिल के जरिए राज्यों को अधिकार होगा कि वो अपने हिसाब से ओबीसी सूची तैयार कर सकें। वहीं इस बिल को पेश करने से पहले कांग्रेस समेत 15 प्रमुख विपक्षी दलों ने इस पर चर्चा की। आज हुई इस बैठक में फैसला हुआ कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीासी) से संबंधित संशोधन विधेयक को पारित कराने में पूरा समर्थन देंगे। बैठक के बाद राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, इस संशोधन विधेयक का हम सभी समर्थन करेंगे। खड़गे ने कहा कि दूसरे मुद्दे अपनी जगह हैं, लेकिन यह मुद्दा देशहित में है क्योंकि यह आधी से ज्यादा आबादी से जुड़ा है। हम इसका पूरा समर्थन करेंगे। अब 127 वां संशोधन बिल के अनुच्छेद 342 ए(3) लागू होने के बाद राज्य सरकारों को अपने हिसाब से ओबीसी लिस्ट तैयार करने की आजादी होगी।
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