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देवास जिले के लखवाड़ा गांव में तार से झूलती जिंदगी, रपटा नहीं बना तो ग्रामीणों ने नदी पार करने के लिए बना ली जुगाड़ की पालकी

देवास मध्य प्रदेश में देवास जिले के लखवाड़ा गांव के किसानों के लिए बारिश का मौसम जान जोखिम में डालने वाला होता है। किसानों को गांव से अपने खेतों तक जाने के लिए बीच में पड़ने वाली गुनेरा-गुनेरी नदी को पार करना पड़ता है। इसके लिए आज तक कोई पुल नहीं बना। ग्रामीण तारों की बनी पालकी पर बैठकर यह जोखिम भरा सफर पूरा करते हैं। बरसों से यहां के किसान नदी पर रपटा या पुलिया बनाने की मांग कर रहे हैं,लेकिन उनकी कहीं सुनवाई नहीं हुई। हार कर ग्रामीणों ने यह जुगाड़ की पालकी बनाई है। वे झूलते हुए तारों वाली जुगाड़ की पालकी में बैठकर नदी पार कर गांव से खेत तक आना-जाना कर रहे हैं, लेकिन फिर भी इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। लखवाड़ा के करीब 25 किसानों की डेढ़ सौ बीघा जमीन गुनेरा-गुनेरी नदी के दूसरे किनारे पर स्थित है। गर्मी के मौसम में तो वे आसानी से निकल जाते हैं,लेकिन बारिश के दिनों में नदी में करीब 3 से 4 माह तक पानी भरा होता है। ऐसे में अपने खेतों तक पहुंचने के लिए उन्हें इस तरह जिंदगी दांव पर लगानी पड़ती है। किसान लंबे समय से नदी पर रपटा या पुलिया बनाने की मांग कर रहे है लेकिन कोई इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। ग्रामीणों के मुताबिक हर साल बारिश के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ जाता है और उन्हें इसी तरह नदी पार करना पड़ता है। वे इस समस्या से जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को कई बार अवगत करा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला।


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