Top Story

क्या खाने के तुरंत बाद आता है पेशाब ? ये 6 साइलेंट बीमारियां हो सकती हैं वजह

पेशाब सिर्फ शरीर से अपशिष्ट को निकालने का काम नहीं करता है बल्कि आपके स्वास्थ्य के बारे में भी बहुत कुछ कहता है। पेशाब के रंग और बदबू से शरीर में पनप रही कई बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। यही वजह है कि डॉक्टर भीतरी बीमारियों की जांच करने के लिए पेशाब की जांच की सलाह देते हैं। दिन में कितनी बार पेशाब करना चाहिए? इस सवाल के जवाब में क्लीवलैंड क्लिनिक का मानना है कि दिन में चार से आठ बार पेशाब करना वास्तव में पूरी तरह से सामान्य है। अगर आप इससे अधिक पेशाब करने के लिए बाथरूम में जा रहे हैं, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। आप जितना पानी पीते हैं, उसके हिसाब से पेशाब आना सही है लेकिन अगर आपको ज्यादा पेशाब आता है या हमेशा खाने के तुरंत बाद पेशाब आता है, तो यह किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत हो सकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। बार-बार पेशाब आना किडनी की बीमारी से लेकर बहुत अधिक तरल पदार्थ पीने तक कई अलग-अलग समस्याओं का लक्षण हो सकता है। पेशाब को लेकर समस्या कहां पैदा होती है? एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर किसी कि बार-बार पेशाब आ रहा है या कुछ खाने-पीने के तुरंत बाद टॉयलेट जाने की जरूरत पड़ रही है, तो किसी रोग का लक्षण हो सकता है। इसके अलावा अगर आपको पेशाब आने के साथ बुखार हो, पेशाब कंट्रोल नहीं हो रहा हो, पेट में दर्द या परेशानी हो, तो यह यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) का संकेत हो सकता है।

बार बार पेशाब आने के कारण : एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर किसी कि बार-बार पेशाब आ रहा है या कुछ खाने-पीने के तुरंत बाद टॉयलेट जाने की जरूरत पड़ रही है, तो किसी रोग का लक्षण हो सकता है। इसके अलावा अगर आपको पेशाब आने के साथ बुखार हो, पेशाब कंट्रोल नहीं हो रहा हो, पेट में दर्द या परेशानी हो, तो यह यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) का संकेत हो सकता है।


Urination After Eating: क्या खाने के तुरंत बाद आता है पेशाब ? ये 6 साइलेंट बीमारियां हो सकती हैं वजह

पेशाब सिर्फ शरीर से अपशिष्ट को निकालने का काम नहीं करता है बल्कि आपके स्वास्थ्य के बारे में भी बहुत कुछ कहता है। पेशाब के रंग और बदबू से शरीर में पनप रही कई बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। यही वजह है कि डॉक्टर भीतरी बीमारियों की जांच करने के लिए पेशाब की जांच की सलाह देते हैं। दिन में कितनी बार पेशाब करना चाहिए? इस सवाल के जवाब में क्लीवलैंड क्लिनिक का मानना है कि दिन में चार से आठ बार पेशाब करना वास्तव में पूरी तरह से सामान्य है। अगर आप इससे अधिक पेशाब करने के लिए बाथरूम में जा रहे हैं, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए।

आप जितना पानी पीते हैं, उसके हिसाब से पेशाब आना सही है लेकिन अगर आपको ज्यादा पेशाब आता है या हमेशा खाने के तुरंत बाद पेशाब आता है, तो यह किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत हो सकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। बार-बार पेशाब आना

किडनी की बीमारी

से लेकर बहुत अधिक तरल पदार्थ पीने तक कई अलग-अलग समस्याओं का लक्षण हो सकता है।

पेशाब को लेकर समस्या कहां पैदा होती है? एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर किसी कि बार-बार पेशाब आ रहा है या कुछ खाने-पीने के तुरंत बाद टॉयलेट जाने की जरूरत पड़ रही है, तो किसी रोग का लक्षण हो सकता है। इसके अलावा अगर आपको पेशाब आने के साथ बुखार हो, पेशाब कंट्रोल नहीं हो रहा हो, पेट में दर्द या परेशानी हो, तो यह

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन

(UTI) का संकेत हो सकता है।



डायबिटीज
डायबिटीज

असामान्य रूप से बार-बार पेशाब आना और ज्यादा आना अक्सर

टाइप 1 और टाइप 2 डायबीटीज

दोनों का एक प्रारंभिक लक्षण होता है क्योंकि शरीर पेशाब के जरिए ग्लूकोज से छुटकारा पाने की कोशिश करता है। ऐसी स्थिति में आपको शाम के समय बहुत ज्यादा मात्रा में पानी और कैफीन के सेवन से बचना चाहिए।



प्रोस्टेट की समस्या
प्रोस्टेट की समस्या

बढ़े हुए प्रोस्टेट मूत्रमार्ग (शरीर से मूत्र को बाहर निकालने वाली नली) को दबा सकते हैं। इससे मूत्र का प्रवाह अवरुद्ध हो सकता है। इससे मूत्राशय की दीवार खरब हो सकती है। मूत्राशय में थोड़ी मात्रा में पेशाब होने पर भी सिकुड़ना शुरू हो जाता है, जिससे बार-बार पेशाब आता है।



इंटरस्टीशियल सिस्टाइटिस
इंटरस्टीशियल सिस्टाइटिस

इंटरस्टीशियल सिस्टाइटिस एक ऐसी गंभीर स्थिति है जिससे मूत्राशय और पेल्विक हिस्से में दर्द हो सकता है। इसके लक्षणों में अक्सर तत्काल और बार-बार पेशाब करने की आवश्यकता शामिल है। इस स्थिति में पेशाब करने की इच्छा तो होती है लेकिन पेशाब खुलकर नहीं आता है।



स्ट्रोक या अन्य तंत्रिका संबंधी रोग
स्ट्रोक या अन्य तंत्रिका संबंधी रोग

कई बार मूत्राशय की आपूर्ति करने वाली नसों को नुकसान होने से मूत्राशय के कार्य में समस्याएं पैदा हो सकती हैं। ऐसे होने से बार-बार और अचानक पेशाब करने की इच्छा होती है। यह एक गंभीर स्थिति है जिसका तुरंत और सही इलाज जरूरी है।



हाइपरलकसीमिया
हाइपरलकसीमिया

इसका मतलब है कि आपके रक्त में कैल्शियम का स्तर सामान्य से ऊपर है।

हाइपरलकसीमिया

अक्सर गर्दन में चार छोटी ग्रंथियों (पैराथायरायड ग्रंथियों) या कैंसर से अति सक्रियता के कारण होता है। हाइपरलकसीमिया के लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक होते हैं। उनमें बढ़ी हुई प्यास और पेशाब, पेट में दर्द, मतली, हड्डियों में दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी, भ्रम और थकान शामिल हो सकते हैं।



पेल्विक फ्लोर डिसऑर्डर
पेल्विक फ्लोर डिसऑर्डर

यह ऐसी स्थिति है जिसमें पेल्विक हिस्से की मसल्स कमजोर हो जाती हैं। यह मसल्स मूत्राशय और प्रजनन अंगों को सहारा देती हैं। इसके लक्षणों में

कब्ज

होना, मल करने के लिए जोर लगाना, बार-बार पेशाब करने की इच्छा महसूस होना आदि शामिल हैं। इसके अलग-अलग कारण हो सकते हैं, जैसे कि बच्चे का जन्म, जो पेल्विक फ्लोर को नुकसान पहुंचा सकता है या उम्र बढ़ने से मूत्राशय की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।





from Health Tips in Hindi , natural health tips in hindi, Fitness tips, health tips for women - डेली हेल्थ टिप्स, हेल्थ टिप्स फॉर वीमेन | Navbharat Times https://ift.tt/PzNaylM
via IFTTT