Top Story

ऐसी गल्‍तियां करने वाली महिलाओं को जल्‍द चपेट में लेता है ब्रेस्‍ट कैंसर, तुरंत मान लीजिए डॉ. की कही ये बातें

ब्रेस्ट कैंसर भारत सहित दुनियाभर में महिलाओं में होने वाला सबसे आम प्रकार का कैंसर है। विश्वभर में हर साल लगभग 17 लाख नए ब्रेस्ट कैंसर के मामलों का निदान होता है। वहीं भारत में हर साल आने वाले ब्रेस्ट कैंसर के मामलों की संख्या 2 लाख है। इनमें से लगभग 1 लाख महिलाओं की इस कैंसर की वजह से मौत हो जाती है। ब्रेस्ट कैंसर सर्जरी की चीफ और सीनियर कंसल्टेंट डॉ. वैशाली जामरे कहती हैं कि इसकी मुख्य वजह यह है कि महिलाएं आज भी इस बीमारी को लेकर जागरूक नहीं हैं और इसी वजह से स्तन में बदलाव महसूस होने के बाद भी लापरवाही बरतती हैं। आमतौर पर 70 प्रतिशत महिलाएं एडवांस स्टेज में डॉक्टर के पास पहुंचती हैं। बता दें कि यौवन के बाद महिला के स्तन कनेक्टिव टिश्यू और हजारों लॉब्यूल से बने होते हैं। ये छोटी ग्रंथियां हैं, जो दूध का उत्पादन कर सकती हैं और दूध को निप्पल की तरफ ले जाती हैं। जेनेटिक म्यूटेशन्स या डीएनए के डैमेज होने पर स्तर कैंसर विकसित होता है। स्तन कैंसर आमतौर पर दूध की आपूर्ति करने वाले मिल्क डक्ट या लोब्यूल्स की अंदरूनी परत से शुरू होकर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकता है।

ब्रेस्ट यानी स्तन कैंसर महिलाओं में सबसे आम लेकिन आक्रामक कैंसर है। यह महिलाओं में कैंसर से होने वाली मौतों का एक मुख्य कारण भी है। डॉक्टर के अनुसार, इससे बचने के लिए महिलाओं को जीवनशैली में बदलाव करना और इसके लक्षणों के प्रति जागरूक होने की जरूरत है।


Women Health: ऐसी गल्‍तियां करने वाली महिलाओं को जल्‍द चपेट में लेता है ब्रेस्‍ट कैंसर, तुरंत मान लीजिए डॉ. की कही ये बातें

ब्रेस्ट कैंसर भारत सहित दुनियाभर में महिलाओं में होने वाला सबसे आम प्रकार का कैंसर है। विश्वभर में हर साल लगभग 17 लाख नए ब्रेस्ट कैंसर के मामलों का निदान होता है। वहीं भारत में हर साल आने वाले ब्रेस्ट कैंसर के मामलों की संख्या 2 लाख है। इनमें से लगभग 1 लाख महिलाओं की इस कैंसर की वजह से मौत हो जाती है।

ब्रेस्ट कैंसर सर्जरी की चीफ और सीनियर कंसल्टेंट डॉ. वैशाली जामरे कहती हैं कि इसकी मुख्य वजह यह है कि महिलाएं आज भी इस बीमारी को लेकर जागरूक नहीं हैं और इसी वजह से स्तन में बदलाव महसूस होने के बाद भी लापरवाही बरतती हैं। आमतौर पर 70 प्रतिशत महिलाएं एडवांस स्टेज में डॉक्टर के पास पहुंचती हैं। बता दें कि यौवन के बाद महिला के स्तन कनेक्टिव टिश्यू और हजारों लॉब्यूल से बने होते हैं। ये छोटी ग्रंथियां हैं, जो दूध का उत्पादन कर सकती हैं और दूध को निप्पल की तरफ ले जाती हैं। जेनेटिक म्यूटेशन्स या डीएनए के डैमेज होने पर स्तर कैंसर विकसित होता है। स्तन कैंसर आमतौर पर दूध की आपूर्ति करने वाले मिल्क डक्ट या लोब्यूल्स की अंदरूनी परत से शुरू होकर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकता है।



​ब्रेस्ट कैंसर की पहचान क्या है
​ब्रेस्ट कैंसर की पहचान क्या है

स्तन या

ब्रेस्ट कैंसर का पहला लक्षण

महिलाओं के स्तन में दर्द रहित एक गांठ होना है। यह ब्रेस्ट कैंसर का सबसे आम लक्षण है, जिस पर महिलाओं का कभी ध्यान नहीं जाता।

निप्पल में खून जैसा पानी या डिस्चार्ज होना।

निप्प्ल का बाहर की जगह स्तन के अंदर धस जाना

निप्पल पर दाद या रैशेज होना

स्तन के आकार में बदलाव होना ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण हैं। विशेषज्ञ के अनुसार, अगर एक हफ्ते के अंदर किसी महिला को ब्रेस्ट कैंसर डायगनोज होता है, तो उसकी जांचें पूरी हो जाती हैं।



​ब्रेस्ट कैंसर का इलाज
​ब्रेस्ट कैंसर का इलाज

ब्रेस्ट कैंसर

में आमतौर पर कीमोथैरेपी, सर्जरी, सर्जरी, रेडियोथैरेपी, टारगेटेड थैरेपी, हार्मोनल थैरेपी , एंडोक्राइन थैरेपी, इम्यूनो थैरेपी से इलाज किया जाता है। डॉ जामरे कहती हैं कि सर्जरी करने का मतलब यह नहीं कि सभी ब्रेस्ट कैंसर के मरीज का ब्रेस्ट निकाल दिया जाएगा। अगर महिलाएं शुरूआती स्टेज में इस पर ध्यान दें , तो सही इलाज करके ब्रेस्ट बचाया भी जा सकता है। उनके अनुसार, सभी मरीजों में सभी तरह के इलाज की जरूरत नहीं होती। मरीज की बीमारी की गंभीरता, स्टेज, उम्र , बायोलॉजिकल प्रोफाइल और मरीज के इलाज के सहन करने की क्षमता के आधार पर इलाज तय किया जाता है।



​ब्रेस्ट कैंसर से कैसे बचें
​ब्रेस्ट कैंसर से कैसे बचें

100 प्रतिशत ब्रेस्ट कैंसर का बचाव करना असंभव है। लेकिन जीवनशैली में बदलाव करके ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।

हर महिला को हफ्ते में 4 दिन तक 20-30 मिनट

फिजिकल एक्सरसाइज

करनी चाहिए।

इसके साथ ही डाइट पर ध्यान दें। डाइट ऐसी हो जिससे न तो मोटापा बढ़ें और न ही ये बहुत ज्यादा शुगर और फैट युक्त हो। डाइट में फल और सब्जी की मात्रा को संतुलित रूप से लें।

महिलाओं को हर महीने अपने स्तन की जांच खुद कैसे कर सकते हैं, यह सीखना चाहिए। ऐसा करने से अगर वह स्तन में कुछ बदलाव महसूस करती है, तो तुंरत डॉक्टर से इस बारे में चर्चा कर सकती है।

महिलाओं को चाहिए कि ब्रेस्ट कैंसर डायगनोज होने के बाद तुरंत डॉक्टर के पास जाएं, लापरवाही न बरतें। इससे समय पर इलाज किया जा सकता है और फिजूल का पैसा खर्च होने से भी बचाया जा सकता है।



​ब्रेस्ट कैंसर का खतरा किन महिलाओं को ज्यादा है
​ब्रेस्ट कैंसर का खतरा किन महिलाओं को ज्यादा है

जिन महिलाओं में

मोटापा

होता है

कम उम्र में पीरियड्स शुरू हो जाते हैं

मेनोपॉज में देरी

जिन्हें बच्चा पैदा करने में मुश्किल आती है

जो महिलाएं अपने

बच्चे को स्तनपान नहीं कराती

बिना डॉक्टर की सलाह के हार्मोन्स का सेवन करती हैं

धूम्रपान करने वाली महिला या फिर शराब का सेवन करने वाली महिलाएं

लगभग 5-10 प्रतिशत महिलाओं में यह कैंसर अनुवांशिकी होता है

मृत्युदर के जोखिम को कम करने के लिए महिलाओं को कैंसर के लक्षणों के प्रति जागरूकता और स्क्रीनिंग की जरूरत है। डॉक्टर कहती हैं कि शुरूआती स्टेज के ब्रेस्ट कैंसर के मरीज सौ प्रतिशत तक ठीक हो सकते हैं और अपना सामान्य जीवन जी सकते हैं।





from Health Tips in Hindi , natural health tips in hindi, Fitness tips, health tips for women - डेली हेल्थ टिप्स, हेल्थ टिप्स फॉर वीमेन | Navbharat Times https://ift.tt/6FfzrgC
via IFTTT