शुगर लेवल को कंट्रोल करेंगी न्यूट्रिशनिस्ट के बताई ये 5 चीजें, तुरंत दिखता है असर
ब्लड शुगर यानी की शरीर में ग्लुकोज(Glucose) की मात्रा जो आपके द्वारा खाए जाने वाले भोजन से आता है, और ऊर्जा का मुख्य स्रोत होता है। लेकिन जब यह जब इसका लेवल बढ़ने लगता है तो डायबिटीज और प्रीडायबिटीज की स्थिति बनने लगती है। क्या होता है प्रीडायबिटीज? इसमें ब्लड शुगर बढ़ता है लेकिन इतना नहीं की इसे डायबिटीज की श्रेणी में रखा जाए।उम्र के हिसाब से ब्लड शुगर कितना होना चाहिए? 6 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए 110 से 200 mg/dL, 6-12 साल के बच्चों के लिए 100 से 180 mg/dL, 13 -19 साल के बच्चों के लिए 90 से 150 mg/dL तक होना चाहिए। इसके अलावा उससे ऊपर के उम्र के लोगों लिए ब्लड शुगर का स्तर 90 से 150 mg/dL नोर्मल लेवल होता है। इससे ज्यादा ब्लड शुगर शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर सकता है और संक्रमण से लड़ना कठिन बना सकता है। साथ ही आंखों की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है, जो मधुमेह रेटिनोपैथी और अंततः अंधापन का कारण बनता है। इसके अलावा अनियंत्रित मधुमेह भी ग्लूकोमा और मोतियाबिंद का कारण बन सकता है। अनियंत्रित उच्च रक्त शर्करा न्यूट्रिशनिस्ट लवनीत बत्रा ने असंतुलित ब्लड शुगर की परेशानी से जुझ रहे डायबिटिक और प्रीडायबिटीज लोगों के लिए कुछ डायट टिप्स शेयर किए हैं। उन्होंने अपने इंस्टा पोस्ट में लिखा है कि फाइबर मधुमेह के जोखिम में आपका मित्र है क्योंकि घुलनशील फाइबर ब्लड प्रेशर को बढ़ने से रोकता है। और चीनी के अवशोषण को धीमा करने में मदद कर सकता है।
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