2060 तक उत्तर भारत में पीने के पानी की हो सकती है भारी किल्लत, इंटरनेशनल रिसर्च में चौंकाने वाले तथ्य आए सामने
अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक इसके बाद उन्होंने इन आंकड़ों को लेकर मशीन लर्निंग प्रौद्योगिकी से, टीडब्ल्यूएस में गत दो दशक (2002 से 2020) के बीच आए बदलाव का अध्ययन किया और इसके आधार पर अगले चार दशकों यानी वर्ष 2021 से 2060 में आने वाले बदलाव का पूर्वानुमान लगाया।
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