दिल्ली बस गैंगरेप के बाद एक्शन में कानपुर पुलिस: 'ऑपरेशन अलर्ट' के तहत स्लीपर बसों में सघन चेकिंग अभियान शुरू
कानपुर। दिल्ली-एनसीआर में चलती प्राइवेट स्लीपर बस के भीतर एक नाबालिग छात्रा से हुए सामूहिक दुष्कर्म की खौफनाक वारदात के बाद कानपुर पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने पूरे शहर और हाईवे पर 'ऑपरेशन अलर्ट' अभियान शुरू किया है।
इस विशेष अभियान के तहत पुलिस की टीमें, जिनमें महिला पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं, सड़कों और संवेदनशील पॉइंट्स पर उतरकर स्लीपर और लंबी दूरी की बसों की सघन चेकिंग कर रही हैं। पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) स्तर के अधिकारियों की निगरानी में बसों को रोककर उनके भीतर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया जा रहा है।
काले पर्दे और ब्लैक फिल्म हटाने के सख्त निर्देश
दिल्ली की घटना में बस के शीशों और केबिनों को पर्दों से छिपाया गया था, जिससे बाहर के लोग अंदर की गतिविधि नहीं देख पा रहे थे। इसे देखते हुए कानपुर पुलिस ने चेकिंग के दौरान बसों में अनधिकृत रूप से लगे काले पर्दों और खिड़कियों पर चढ़ी ब्लैक फिल्म को तुरंत हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। ऑपरेटरों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि बस का अंदरूनी हिस्सा बाहर से साफ दिखाई देना चाहिए।
दिल्ली की घटना में बस के शीशों और केबिनों को पर्दों से छिपाया गया था, जिससे बाहर के लोग अंदर की गतिविधि नहीं देख पा रहे थे। इसे देखते हुए कानपुर पुलिस ने चेकिंग के दौरान बसों में अनधिकृत रूप से लगे काले पर्दों और खिड़कियों पर चढ़ी ब्लैक फिल्म को तुरंत हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। ऑपरेटरों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि बस का अंदरूनी हिस्सा बाहर से साफ दिखाई देना चाहिए।
ड्राइवर-कंडक्टर का पुलिस वेरिफिकेशन हुआ अनिवार्य
इस वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी चालक और परिचालक कानपुर के ही रहने वाले निकले, जिसके बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने सभी ट्रांसपोर्टर्स और बस संचालकों के साथ बैठक की है। अब सभी बस ड्राइवरों, को-ड्राइवर्स और कंडक्टरों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। बस संचालकों को एक सप्ताह के भीतर सभी कर्मचारियों का वेरिफिकेशन फॉर्म भरकर पुलिस के पास जमा कराना होगा। आपराधिक रिकॉर्ड पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी चालक और परिचालक कानपुर के ही रहने वाले निकले, जिसके बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने सभी ट्रांसपोर्टर्स और बस संचालकों के साथ बैठक की है। अब सभी बस ड्राइवरों, को-ड्राइवर्स और कंडक्टरों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। बस संचालकों को एक सप्ताह के भीतर सभी कर्मचारियों का वेरिफिकेशन फॉर्म भरकर पुलिस के पास जमा कराना होगा। आपराधिक रिकॉर्ड पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
