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115 रिपोर्ट में से 105 रिपोर्ट आई निगेटिव,1 सैंपल फेल, 9 की जांच लंबित

Publish Date: | Sat, 27 Jun 2020 04:07 AM (IST)

छिंदवाड़ा। जिले से रोजाना कोरोना संदिग्ध मरीजों के सैंपलों को जांच के लिए जबलपुर भेजा जा रहा है। बुधवार तक जिले के करीब 115 सैंपल जबलपुर मेडिकल कॉलेज में लंबित थे। जिनकी रिपोर्ट शुक्रवार की दोपहर में आई। जबलपुर से आई रिपोर्ट छिंदवाड़ा वासियों के लिए राहत भरी रही। जिसमें 115 लंबित सैंपल में से 105 सैंपल निगेटिव आए। साथ ही 9 सैंपल लंबित हैं तो वहीं एक सैंपल फेल हुआ।

जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार रोजाना की तरह बुधवार को भी जिले के अलग-अलग ब्लाक में कोरोना संदिग्ध मरीजो के सैंपल एकत्रित किए गए थे। सैंपल लिए जाने के बाद उन्हें जबलपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। रोजाना आने वाली रिपोर्ट में शुक्रवार को भेजे गए 115 सैंपल की रिपोर्ट में से 105 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई। शुक्रवार को 105 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद जिलेवासियों ने राहत की सांस ली। तो वहीं एक सैंपल जांच के दौरान फेल हो गया। साथ ही 9 सैंपल की रिपोर्ट जबलपुर में ही लंबित है। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो रोजाना जिला अस्पताल और ब्लाक स्तर पर सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है।

परासिया रोड को सील किया था प्रशासन

हर्रई के क्वारंटाइन सेंटर से भागकर अपनी बहन की शादी में शामिल होने गए एक युवक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद परासिया रोड के ढाबे को प्रशासन ने सील कर दिया था। साथ ही ढाबे में काम करने वाले एवं ढाबा संचालक के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। इधर जबलपुर मेडिकल कॉलेज से शुक्रवार को आई 105 रिपोर्ट में से कर्मचारी और संचालक की भी रिपोर्ट निगेटिव है।

मक्के को लेकर किसान नहीं दिखा रहे रूचि

कम रेट मिलने से किसानों ने कम लगाया मक्का

छिंदवाड़ा। जिले में सर्वाधिक मात्रा में किसानों द्वारा मक्के की फसल लगाई जाती थी, लेकिन पिछले साल मक्के की खड़ी फसल में फॉलआर्मी कीट लगने के कारण अधिकांश किसानों की फसल बर्बाद हो गई। इस बात को लेकर इस साल किसानों ने अपने खेत में मक्के की कम बोवनी की है। दूसरी कारण किसानों द्वारा मक्के की कम बोवनी करने का यह भी है कि इस साल मक्के की दर भी किसानों को कम मिल रही है। जिस कारण कृषि विभाग को अनुमान है इस साल ढाई लाख से अधिक रकबा मक्के का नही बढ़ेगा। जिले में मक्के की बंपर पैदावार हर साल होती थी। मक्के की पैदावार अधिक होने के कारण पिछले साल प्रशासन द्वारा छिंदवाड़ा में कॉर्न फेस्टिवल भी मनाया गया था। इस फेस्टिवल में मक्के से कई तरह के व्यंजन बनाए गए थे। जिसमें छिंदवाड़ा सहित प्रदेश भर के किसान भी उपस्थित हुए थे, लेकिन पिछले साल ही अचानक ही किसानों के खेतों में लगी मक्के की फसल में फॉल आर्मी वर्म कीट का हमला हो गया। इन कीटों ने किसानों की मक्के की फसल को चट कर दिया था। जिस कारण इस साल 5 एकड़ के किसान ने सिफ 3 एकड़ के खेत में ही मक्के लगाया। इसी तरह से हर किसान द्वारा मक्के की बोवनी में कम रूचि दिखाई गई। जिस कारण जिले में मक्का का रकबा कम हो गया।

मक्के के कम मिल रहे दाम

इस मामले में किसानों की माने तो हर साल जिले का किसान बढ़ चढ़कर मक्के की बोवनी करता था। ताकि उन किसानों को मक्के की पैदावार से अधिक मुनाफा हो सके, लेकिन पिछले साल मक्के में कीटों के हमला होने के कारण किसानों का आधी से अधिक फसल नष्ट हो गई तो वहीं इस साल किसानों को मक्का की पैदावार में कम ही दर मिल पाई। जिसको ललेकर किसानों ने अपने-अपने खेतों में मक्के की फसल कम लगाई।

किसानों को जागरूक करने से करवाया था कॉर्न फस्टिवल

जिले सहित प्रदेश भर के किसानों को मक्के के उत्पादन के प्रति जागरूक करने के लिए छिंदवाड़ा में कॉर्न फेस्टिवल करवाया गया था। इस फेस्टिवल में जिले के अलावा प्रदेश भर से किसान आए थे। जिन्हें जागरूक करने के लिए कृषि विज्ञानी भी आए थे। जिनके द्वारा किसानों को हर वो जानकारी दी गई थी जिससे किसान अपने-अपने खेत में मक्के की फसल लगाकर मुनाफा कमा सकते हैं, लेकिन कम दाम और कीटों के हमलों ने किसानों को परेशान कर दिया था।

इनका कहना है

हर साल की तरह पिछले साल भी मक्के की अधिक पैदावार जिले में हुई थी, लेकिन इस साल किसान मक्के की बोवनी में करने में कम ही रूचि दिखा रहे है। जिससे यह तो तय है कि आने वाले दिनों में मक्के की पैदावार जिले में कम होगी।

जेआर हेडाऊ, उपसंचालक, कृषि विभाग, छिंदवाड़ा

Posted By: Nai Dunia News Network

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