Top Story

अभिनेता नहीं सबसे पहले अच्छा इंसान बनाना जरूरी हैःरघुवीर यादव

Publish Date: | Sat, 27 Jun 2020 04:07 AM (IST)

छिंदवाड़ा। नाट्यगंगा द्वारा आयोजित ऑनलाइन एक्टिंग की पाठशाला के तीसवें और अंतिम दिन अतिथि वक्ता रंगमंच, फिल्म एवं टीवी के सुप्रसिद्ध अभिनेता रघुवीर यादव थे। अंतिम सत्र होने के कारण यह सत्र तीन घंटे तक चला, जिसमें रघुवीर यादव ने कलाकारों को रंगमंच का अभिप्राय इस विषय पर मार्गदर्शन दिया। रघुवीर यादव ने जीवन से जुड़े बहुत शिक्षाप्रद अनुभवों को सभी के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि अभिनेता नहीं सबसे पहले अच्छा इंसान बनाना जरूरी है और रंगकर्म आपको अच्छा इंसान बना देता है, जब हम अच्छा इंसान बनते हैं, तो हमें पूरी दुनिया अच्छी लगनी लगती है, और हम सीखना शुरू कर देते हैं, जो कि हमें अभिनय में काम आता है। हम सभी परेशानियों और दुख दर्द में व्याकुल हो जाते हैं, अगर हम इनसे ही सीखने लगे तो आपको हर परिस्थितियों में मजा आने लगेगा और बुरे वक्त का पता ही नहीं चलेगा। उन्होंने लगान मूवी करते वक्त उससे जुड़ा एक किस्सा भी सुनाया जिसमें बताया कि किस तरह उन्हें ऑपरेशन के चलते बीच में ही होश आने लगा था तभी योग और ध्यान की मदद से, उन्होंने उस दर्द को सहना और उससे सीखना शुरू कर दिया और उन्हें दर्द का पता ही नहीं चला। जिसमें उन्होंने बताया सब दिमाग का ही खेल है कि हम क्या सीख रहे हैं, और क्या सोच रहे हैं। श्री यादव ने भाषा पर बात करते हुए कहा कि हमें अपनी भाषा पर काम करना चाहिए, उसे मजबूत बनाना चाहिए, कम शब्दों में काम की बात हो जाए ऐसी भाषा रखना चाहिए। और कौन सा साहित्य पढ़ना चाहिए यह पूछने पर कहा कि हम अपने देश में लिखे साहित्य को पढ़ ले तो कुछ और पढ़ने की आवश्यकता ही नहीं होगी। उन्होंने बताया कि बचपन से ही वे नाटकीय थे, हर रोज सुबह 4 बजे उठ जाया करते थे और गिलास लेकर दूध पीने जाया करते थे। पापड़ बेचने वाले की आवाज और तरीके को संगीत में पिरो देना, बैलगाड़ी को चलाते हुए गाना गाना, बैलों की घंटी में तानपुरे को महसूस करना, फैक्ट्री के सायरन के साथ सुर लगाना, भजन मंडली के साथ गाना गाना, पारसी थिएटर कंपनी में काम करते हुए 2.50 रुपये में रोज पर काम चलाना आदि ऐसे कई जीवन से जुड़े रोचक शिक्षाप्रद किस्से सुनाए। संचालन पियूष जैन ने और आभार फैसल कुरैशी ने व्यक्त किया। अतिथि के रूप में वीणा मेहता, अवतार साहनी, सत्येंद्र कुमार शेंडे, निनाद जाधव, विनोद विश्वकर्मा, प्रीति तिवारी, विजय विश्वकर्मा, केशव कैथवास उपस्थित थे। कार्यशाला के निर्देशक पंकज सोनी, तकनीकि सहायक नीरज सैनी, मीडिया प्रभारी संजय औरंगाबादकर, प्रश्नोत्तर सत्र समन्वयक रोहित रूसिया कार्यशाला प्रबंधक नीता वर्मा, सुवर्णा दीक्षित, सचिन मालवी और मार्गदर्शक मंडल में वसंत काषीकर, जयंत देशमुख, गिरिजा शंकर और आनंद मिश्रा हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

जीतेगा भारत हारेगा कोरोना
जीतेगा भारत हारेगा कोरोना

Source