ग्राम स्तर पर 15 से 20 सदस्य फार्मर इंटरेस्ट ग्रुप बनेंगे
Publish Date: | Tue, 07 Jul 2020 04:13 AM (IST)
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योजना की जिला स्तरीय निगरानी समिति की पहली बैठक संपन्ना
छिंदवाड़ा। कलेक्टर सौरभ सुमन की अध्यक्षता में किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) का गठन और संवर्धन योजना के अंतर्गत गठित 11 सदस्यीय जिला स्तरीय निगरानी समिति की पहली बैठक सोमवार कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में संपन्ना हुई । जिसमें जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेंद्र सिंग नागेश, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक सलिल झोकरकर, उप संचालक कृषि जे.आर. हेड़ाऊ, उप संचालक उद्यानिकी, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. एच.जी.एस. पक्षवार, उपायुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं, परियोजना संचालक जिला आत्मा समिति, मंडी सचिव, सहायक संचालक मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास, एसआरएलएम के जिला परियोजना अधिकारी, कार्यक्रम समन्वयक कृषि विज्ञान केंद्र और भूमिजा तथा कोफे कृषक उत्पादक संगठनो के प्रतिनिधि उपस्थित थे ।
बैठक में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्री झोकरकर ने योजना के संबंध में प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत नये कृषक उत्पादक संगठनों को उनके बनने की तिथि से 5 वर्ष तक हैंड होल्डिंग सपोर्ट प्रदान करने की व्यवस्था की गई है । नए कृषक उत्पादक संगठन कंपनीज एक्ट 9-अ अथवा सहकारी समितियां एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत किए जा सकेंगे । कम से कम 300 सदस्य के साथ कृषक उत्पादक संगठन बनाये जाने पर इस योजना के अंतर्गत पात्रता रहेगी । उन्होंने बताया कि ग्राम स्तर पर 15 से 20 सदस्यों के फार्मर इंटरेस्ट ग्रुप (एफ.आई.जी.) बनाये जा सकते हैं और ऐसे 20 या अधिक ग्रुप मिलकर एफ.पी.ओ. का निर्माण कर सकते हैं । प्रत्येक विकासखंड में कम से कम 2 कृषक उत्पादन संगठन बनाए जाने हैं। राष्ट्रीय, राज्य तथा जिला स्तर पर बनाए गए कृषक उत्पादक संगठनों के फेडरेशन भी बनाये जा सकते हैं । ऐसे वर्तमान कृषक उत्पादक संगठन जिन्होंने भारत सरकार की किसी अन्य योजना में अभी तक लाभ प्राप्त नहीं किया है और अभी एफपीओ का परिचालन शुरू न किया हो वह भी इस योजना के अंतर्गत लाभ ले सकते हैं। योजना के अंतर्गत जिला स्तर पर गठित समिति का मुख्य उद्देश्य संभावितायुक्त प्रोड्यूस कलस्टरों के लिये सुझाव देना, कृषक उत्पादक संगठनों के विकास की प्रक्रिया और प्रगति को मॉनिटर करना व इस प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं को दूर करने का प्रयास करना है।
उन्होंने बताया कि शुरूआती तौर पर देश भर में 10 हजार नये कृषक उत्पादक संगठन आने वाले 5 वर्षों में बनाने के लिये तीन कार्यान्वयन एजेंसियों-नाबार्ड, एसएफएसी और एनसीडीसी की पहचान की गई है । इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक कृषक उत्पादक संगठन को उसके निर्माण से 3 वर्ष की अवधि के लिए अधिकतम 18 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदाय की जाएगी।
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आम जन की शिकायतों की निराकरण के लिए दिए निर्देश
छिंदवाड़ा। कलेक्टर सौरभ सुमन की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में समय सीमा के प्रकरणों की समीक्षा बैठक संपन्ना हुई। बैठक में कलेक्टर श्री सुमन ने समय सीमा के लंबित प्रकरणों, सी.एम.हेल्प लाईन, जनसुनवाई, विभिन्ना आयोगों एवं वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त शिकायतों व न्यायालय संबंधी लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा करने के साथ ही अन्य समसामयिक विषयों पर चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। यह बैठक फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित करते हुए दो सत्रों में संपन्ना हुई।
कलेक्टर श्री सुमन ने निर्देश दिए कि उत्तरा पोर्टल पर जनसुनवाई प्रकरणों के निराकरण में प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री सुमन ने कहा कि आम जन की शिकायतों का निराकरण संतुष्टिपूर्ण होना चाहिये, अधिकारी संवेदनशीलता के साथ आम जन की समस्याओं का निराकरण करायें। प्राकृतिक प्रकोप संबंधी प्रकरणों में पूरी संवेदनशीलता बरतते हुये संबंधित को तत्काल हरसंभव शासकीय सहायता उपलब्ध कराई जाये। सी.एम.हेल्पलाईन की शिकायतों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाये, इनके निराकरण में प्रति सप्ताह प्रगति दिखना चाहिये। उन्होंने राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतों के संतुष्टिप्रद निराकरण के लिये अपर कलेक्टर श्री बाथम को नियमित मॉनिटरिंग करते हुये संबंधित एसडीएम और तहसीलदारों के माध्यम से समय पर और गुणवत्तापूर्ण जवाब दर्ज करवाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री सुमन ने कहा कि किल कोरोना अभियान के बाद राजस्व और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की जनपदवार बैठक लेकर समीक्षा की जायेगी। संबंधित विभाग अभी से लंबित प्रकरणों का निराकरण गति के साथ प्रारंभ कर दें। लोक स्वास्थ्य और जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार लायें। सिविल सर्जन शिफ्टवार डॉक्टर्स और स्टॉफ की ड्यूटी लगाते हुए कार्य का समुचित विभाजन करें। जिले में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर आधारभूत संरचना उपलब्ध है, उसी अनुरूप जिलेवासियों को स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने जिला अस्पताल परिसर में साफ-सफाई और मेडिकल वेस्ट के प्रबंधन की भी समुचित व्यवस्था करने के सख्त निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री सुमन ने निर्देश दिए कि आय प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण से संबंधित कोई भी शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत अधिकारी स्व-प्रेरणा से लोगों को सेवा का प्रदाय तत्परता के साथ करें। असफल भुगतान संबंधी प्रकरणों में संबंधित विभाग के अधिकारी समुचित प्रयास करते हुये हितग्राहियों के खातों में शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करायें। उन्होंने तहसील हर्रई में प्रस्तावित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन सहित छिंदवाड़ा शहर एवं अन्य स्थानों पर प्रस्तावित विभिन्ना शासकीय निर्माण कार्यों के लिये भूमि के चिन्हांकन और आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश संबंधित अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को दिए।
Posted By: Nai Dunia News Network
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