मनमोहन शाह बट्टी की मौत को लेकर उठ रहे सवाल
Publish Date: | Sat, 08 Aug 2020 04:03 AM (IST)
कांग्रेस के बाद युवा आदिवासी प्रकोष्ठ ने सौंपा ज्ञापन
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मनमोहन शाह बट्टी के देहांत की न्यायिक जांच की मांग को लेकर दिया ज्ञापन
छिंदवाड़ा। भारतीय गोंडवाना पार्टी के अध्यक्ष मनमोहन शाह बट्टी की मौत को लेकर न्यायिक जांच की मांग लगातार उठ रही है। इसे लेकर कांग्रेस विधायकों के बाद अब युवा आदिवासी प्रकोष्ठ ने न्यायिक जांच की मांग की है। कांग्रेस युवा आदिवासी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष आशीष कुमरे ने बताया कि, अखिल भारतीय गोंडवाना पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक स्वर्गीय मनमोहन शाह बट्टी की संदिग्ध आकस्मिक मृत्यु से समूचा आदिवासी समाज आहत है और हैरान भी है कि चिरायु अस्पताल भोपाल में 29 जुलाई को हार्ट अटैक के कारण भर्ती हुए जिनका इलाज भी 4 दिन हार्ट अटैक का कहकर किया गया और 2 अगस्त की मध्य रात्रि में अचानक उनकी मृत्यु की खबर आ जाती है। बाद में इन्हें कोरोना पॉजिटिव बताकर पार्थिक शरीर देने से मना किया गया एवं मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ द्वारा पार्थिक शव को छिंदवाड़ा गृह ग्राम लाने हेतु परमिशन भी कराई गई किंतु ऐन वक्त पर भोपाल जिला प्रशासन द्वारा चिरायु आकर छिंदवाड़ा शव लाने से मना कर दिया गया और भोपाल में ही दाह संस्कार कर दिया गया, जबकि हमारे गोंडी रीति रिवाज में शव को दफनाया जाता है। उन्होंने अग्नि देकर समूचे आदिवासी समाज को आहत किया एवं इलाज पर भी परिवार को अस्पताल प्रबंधन द्वारा गुमराह किया गया।
मांग को लेकर राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
कांग्रेस युवा आदिवासी प्रकोष्ठ द्वारा राज्यपाल महोदया के नाम पर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें 2 प्रमुख मांगे की गई। चिरायु अस्पताल भोपाल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में भर्ती होकर कोराना जांच, सीटी स्केन से 4 दिन बाद भी 2 अगस्त को मौत तक स्पष्ट अभिमत नहीं देना एवं मृत्यु की खबर व पार्थिव शरीर को परिजनों द्वारा मांगने पर अपमानजनक नाटकीय घटनाक्रम घटित हुआ। जिसमें परिजनों एवं संपूर्ण आदिवासी समाज को अपमानित किया गया है। मौत के बाद कोरोना एवं हार्ट अटैक की स्पष्ट जानकारी न देना चिरायु अस्पताल के संदिग्ध परिस्थिति को दर्शाता है। जिसकी निष्पक्ष जांच होना चाहिए। ज्ञापन सौंपते समय मुख्य रूप से राजू इनवाती, अरविंद उईके, अनीष भारती, धर्मेंद्र इवनाती, दिनेश अहिरवार, गोपाल इवनाती आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे। गौरतलब है कि मनमोहन शाह बट्टी का शव देने की मांग को लेकर अमरवाड़ा बाइपस पर समर्थकों ने चक्काजाम किया था, जिसके बाद स्थानीय अधिकारियों की समझाइश के बाद चक्काजाम खत्म किया गया।
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