Top Story

कॉर्न सिटी का ताज फिर भी घट रहा जिले में मक्के का रकबा

Publish Date: | Tue, 18 Aug 2020 04:03 AM (IST)

पेज 14 की लीड…

किसानों को नहीं मिले सहीं भाव

फाल आर्मी वर्म कीट का भी रहा असर, प्रशासन ने भी खड़े किए हाथ

फोटो- कॉर्न के नाम से

जिले में इस बार मक्का की फसल किसानों ने कम लगाई है।

छिंदवाड़ा। देश में मक्का उत्पादन में छिंदवाड़ा का नाम जाना जाता है जिसके कारण जिले को कॉर्न सिटी का ताज मिला है। मक्का फसल के बंपर उत्पादन के चलते जिले में साल 2018 और 2019 में कॉर्न फेस्टिवल का आयोजन किया गया, जिसमें देश और विदेश से कृषि वैज्ञानिकों के अलावा कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत की। मक्का को लेकर कई तरह की योजनाएं तैयार की गई और उत्पादन बढ़ाने पर भी मंथन किया गया, लेकिन इसके सार्थक परिणाम वर्तमान में नजर नहीं आ रहे हैं। मक्का का उत्पादन रकबा बढ़े की बजाए घट रहा है। हर साल मक्का का उत्पादन रकबा लगातार घट रहा है। जिसका सबसे बड़ा कारण किसानों को मक्के के सही दाम नहीं मिलना है। इस सीजन के पहले तो किसान मक्के की अच्छे भाव मिलने का इंतजार करता रहा लेकिन उसके हाथ निराशा ही लगी है। फसल को कम दाम मिलने और लागत बढ़ने के कारण अब जिले के किसानों ने मक्का फसल की बोवनी कम कर दी है। हर साल मक्का का रकबा कम होते जा रहा है। पिछले एक साल से फसल पर लगातार फाल आर्मी वर्म कीट का हमला बढ़ते जा रहा है। जिसके चलते कृषि विभाग भी हाथ खड़े कर रहा है तथा किसानों को अन्य फसल का विकल्प चुनने को कहता आ रहा है। लिहाजा अब किसान वापस सोयाबीन पर भी फोकस करने लगे हैं। सोयाबीन की फसल में कम रकबे में ज्यादा उत्पादन होता है। साथ ही सोयाबीन के दाम भी अच्छे मिलते हैं। गौरतलब है कि चार साल पहले किसान सोयाबीन की फसल को ही महत्व देते थे, यही वजह है कि चौरई में सोयाबीन प्लांट भी है, लेकिन इस सीजन में किसानों का मक्के से मोहभंग हो रहा है, लिहाजा किसान एक बार फिर सोयाबीन की तरफ फोकस कर रहे हैं। फिलहाल इसे लेकर आने वाले दिनों में मक्के का रकबा और घटेगा, ऐसी उम्मीद की जा रही है।

बाक्स में

यह मक्का फसल की स्थिति

वर्ष रकबा

2018 2 लाख 79 हजार

2019 2 लाख 98 हजार

2020 2 लाख 47 हजार

– इनका कहना है।

इस साल जिले में मक्का का लक्ष्य 2 लाख 70 हजार हेक्टेयर रखा था, उसकी तुलना में 2 लाख 47 हजार हेक्टेयर मे बोवनी की गई है। इस वर्ष किसानों ने मक्के के सही भाव नहीं मिलने व आर्मी वर्म कीट के प्रकोप के कारण अन्य फसलों को खेतों में लगाया है।

-जे.आर. हेड़ाउ, उपसंचालक, कृषि विभाग, छिंदवाड़ा

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

Source