अब ट्रक नहीं, ट्रेन के जरिए बांग्लादेश जाएगा सौंसर का संतरा
Publish Date: | Fri, 02 Oct 2020 04:12 AM (IST)
फ्लायर
रेलवे अधिकारियों और संतरा कारोबार की बैठक के बाद हुआ फैसला
फोटो 3
रेलवे के अधिकारियों के साथ हुई संतरा व्यापारियों की बैठक।
फोटो 4
बड़ी संख्या में संतरा कारोबारी रहे मौजूद।
छिंदवाड़ा। आरेंज सिटी के तौर भले ही महाराष्ट्र राज्य के नागपुर शहर को जाना जाता है, लेकिन हकीकत यह है कि नागपुर की मंडी की शोभा भी सौंसर का संतरा बढ़ाता है। यहां के संतरे की मांग महाराष्ट्र ही नहीं, पड़ोसी देश बांग्लादेश तक है। कोरोना संक्रमण के चलते वाहन की कम उपलब्धता के चलते सौंसर से बांग्लादेश तक ट्रक के जरिए माल सप्लाई करना बड़ी चुनौती था। ऐसे में रेलवे के अधिकारियों ने बड़ी राहत दी है। सौंसर में गुरुवार को संतरा कारोबारियों क साथ हुई बैठक में तय किया गया कि संतरा परिवहन की समस्या से अब व्यापारियों को निजात मिलेगी। अग्रिम बुकिंग और अस्थाई लीज पर पार्सल वैन की सुविधा व्यापारियों को उपलब्ध कराई जाएगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल द्वारा रेल गाड़ियों के माध्यम से इस विषम परिस्थिति में आवश्यक सामग्री भेजने के लिए ये सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मंडल में गठित बिनेस डेवलपमेंट यूनिट के तहत राजस्व में बढ़ोतरी के लिए ये प्रयास किए गए, जिससे संतरा कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी। व्यापारी सादिक खान ने बताया अभी ट्रक के जरिए संतरा की सप्लाई की जाती थी, जिसमें समय ज्यादा लगता था और माल खराब होने की आशंका बनी रहती थी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के डीसीएम अनुराग कुमार सिंह, सीसीआइ शैलेंद्र सिंह की मौजूदगी में यह बैठक हुई।
संतरा निर्यात करना थी जटिल प्रक्रिया
सौंसर और पांढुर्णा में बड़ी मात्रा में संतरे का उत्पादन होता है। यहां का संतरा मीठा और गुणवत्तापूर्ण होता है। सौंसर से 10 अक्टूबर से संतरे का निर्यात शुरू हो जाएगा। पहले दो महीने लगातार चार से पांच ट्रक कोलकाता और अन्य राज्यों समेत बांग्लादेश भेजे जाते थे, लेकिन अब रेलवे ने संतरा निर्यात करने का बीड़ा उठाया है। जिसके कारण संतरा ट्रक से कम दाम पर और समय पर पहुंच सकेगा। डीसीएम अनुराग कुमार सिंह ने बताया कि 120 दिन की अग्रिम बुकिंग की सुविधा मिलेगी। संतरा कोलकाता और बेनापोल जो बांग्लादेश से सटा हुआ है, वहां तक भेजा जाएगा।
इनका कहना है
कोरोना संक्रमण के चलते ट्रक की आवाजाही नियमित नहीं हो रही थी। ऐसे में संतरा खराब होने का खतरा बना हुआ था, अब ट्रेन से संतरा जाएगा तो समय पर पहुंचेगा।
शैफी खान, संतरा कारोबारी
इस सुविधा से व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी, वह समय पर संतरा पहुंचा सकेंगे और अन्य वाहन की तुलना में किराया भी कम लगेगा।
अनुराग कुमार सिंह, डीसीएम दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे
Posted By: Nai Dunia News Network
नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

