Awareness Program : जागरूकता अभियान में लोगों ने चिकित्सकों से पूछे सवाल मिला सार्थक जवाब

जबलपुर, आर्थराइटिस यानी जोड़ों की बीमारी। शुरुआत में यदि इसका इलाज एवं चिकित्सक के निर्देशों का भली भांति पालन न किया जाए तो यह बीमारी जटिल हो जाती है। जोड़ों के दर्द और उसके सटीक इलाज के लिए सबको जागरूक रहना चाहिए। यह बात भंवरताल गार्डन परिसर में हड्डी एवं जोड़ प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. एस पटैल एवं डॉ.ए चतुर्वेदी ने कही।
सवालों के जवाब दिए : गैलेक्सी सुपरस्पेशिलिटी हॉस्पिटल एवं छाया चेरिटबल ट्रस्ट के तत्वावधान में विश्व आर्थराइटिस दिवस पर आयोजित जागरूकता अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। चिकित्सकों ने शाम चार से छह बजे तक यहां उपस्थित हर उम्र के लोगों को आर्थराइटिस (जोड़ों का वात रोग) रोग और उससे जुड़े अन्य पहलुओं के बारे में विस्तार से बताया और लोगों के सवालों के जवाब भी दिए।
गैलेक्सी सुपरस्पेशिलिटी हॉस्पिटल प्रबंधन लगातार अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए ऐसे आयोजन करता रहता है, जिससे आमजनों को कई लाभकारी जानकारियां सहज ही प्राप्त हो जाती है, ये अभियान भी उसी कड़ी का हिस्सा था।चिकित्सकों ने बताया कि इस अभियान के दौरान अधिकांश लोगों ने यही सवाल पूछा कि इसका रोग का इलाज क्या है। इस पर चिकित्सकों ने बताया कि अपने खानपान का ध्यान इस रोग से बचा सकता है।
चिकित्सकों के अनुसार, इस रोग की प्रारंभिक या बाद की अवस्था में जोड़ प्रत्यारोपण किया जाता है। डाक्टर्स के अनुसार, हड्डी विशेषज्ञ चिकित्सक के मार्गदर्शन में कुछ शारीरिक व्यायाम, योगासन व फिजियोथेरेपी द्वारा इस बीमारी से बचाव किया जा सकता है। चिकित्सकों ने बताया कि लोग अपनी दिनचर्या के दौरान व्यायाम को नजरअंदाज कर देते जिससे हमें शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की बीमारियां घेर लेती हैं।