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WHO ने बताया किन लोगों को जल्दी चपेट में ले सकता है ओमीक्रोन, किन 2 तरीकों से जल्दी खत्म होगी महामारी

कोरोना वायरस का प्रकोप पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है। ओमीक्रोन के आने के बाद नए मामलों की संख्या में तेजी से उछाल देखा जा रहा है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने माना है कि कोविड-19 का ओमीक्रोन वेरिएंट काफी खतरनाक है और यह ऐसे लोगों को जल्दी चपेट में ले सकता है, जिन्होंने इस बीमारी का टीका नहीं लगवाया है।डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसिस ने कहा है कि ओमीक्रोन डेल्टा वेरिएंट की तुलना में कम गंभीर बीमारी का कारण बनता है लेकिन यह एक खतरनाक वायरस बना हुआ है। यह उन लोगों के लिए ज्यादा घातक है, जिन्होंने कोई टीका नहीं लगवाया है।यह देखा गया है कि ओमीक्रोन के हल्के लक्षणों की वजह से लोग इसे नजरअंदाज कर रहे हैं और यह इसके तेजी से बढ़ने का बड़ा कारण है। ध्यान रहे कि दुनियाभर की तमाम स्वास्थ्य एजेंसियों ने इसके लक्षणों को हल्के में लेने और तुरंत जांच कराने की सलाह दी है। भारत में नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल ने चेतावनी दी है कि भले ही ओमीक्रोन कम गंभीर दिखाई दे लेकिन इसे इतने हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।

Covid Omicron ko rokne ke upaay: डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसिस ने कहा है कि ओमीक्रोन डेल्टा वेरिएंट की तुलना में कम गंभीर बीमारी का कारण बनता है लेकिन यह एक खतरनाक वायरस बना हुआ है। यह उन लोगों के लिए ज्यादा घातक है, जिन्होंने कोई टीका नहीं लगवाया है।


WHO ने बताया किन लोगों को जल्दी चपेट में ले सकता है ओमीक्रोन, किन 2 तरीकों से जल्दी खत्म होगी महामारी

कोरोना वायरस का प्रकोप पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है।

ओमीक्रोन

के आने के बाद नए मामलों की संख्या में तेजी से उछाल देखा जा रहा है।

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO)

ने माना है कि कोविड-19 का ओमीक्रोन वेरिएंट काफी खतरनाक है और यह ऐसे लोगों को जल्दी चपेट में ले सकता है, जिन्होंने इस बीमारी का टीका नहीं लगवाया है।

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसिस

ने कहा है कि

ओमीक्रोन

डेल्टा वेरिएंट की तुलना में कम गंभीर बीमारी का कारण बनता है लेकिन यह एक खतरनाक वायरस बना हुआ है। यह उन लोगों के लिए ज्यादा घातक है, जिन्होंने कोई टीका नहीं लगवाया है।

यह देखा गया है कि

ओमीक्रोन के हल्के लक्षणों

की वजह से लोग इसे नजरअंदाज कर रहे हैं और यह इसके तेजी से बढ़ने का बड़ा कारण है। ध्यान रहे कि दुनियाभर की तमाम स्वास्थ्य एजेंसियों ने इसके लक्षणों को हल्के में लेने और तुरंत जांच कराने की सलाह दी है।

भारत में नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल

ने चेतावनी दी है कि भले ही ओमीक्रोन कम गंभीर दिखाई दे लेकिन इसे इतने हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।



टीका नहीं लगवाने वाले लोगों को
टीका नहीं लगवाने वाले लोगों को

डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा है कि कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी है।

ओमीक्रोन के लक्षण

गंभीर नहीं है लेकिन इसके हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह वायरस उन लोगों को आसानी से अपनी चपेट में ले सकता है जिनका टीकाकरण नहीं हुआ है।



कोरोना को रोकने के उपाय
कोरोना को रोकने के उपाय

इस बीच डब्ल्यूएचओ चीफ ने दोहराया है कि कोरोना महामारी को निश्चित रूप से हराया जा सकता है। उन्होंने कहा है कि इसके खिलाफ दुनियाभर की सभी सरकारों और निर्माताओं को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने इसके लिए दो तरीके बताए हैं, पहला है -कम कवरेज वाले जोखिम वाले देशों में वैक्सीन की आपूर्ति बढ़ाना और दूसरा- लोगों को टीका देने के लिए जरूरी संसाधनों की पर्याप्त पूर्ती की जाए. उन्होंने कहा कि जब तक हम हर जगह सुरक्षित नहीं हैं, तब तक हम कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं।



आसानी से प्रसारित होने वाली वायरस
आसानी से प्रसारित होने वाली वायरस

इस बीच डब्ल्यूएचओ ने कहा कि कई कारणों की वजह से

ओमीक्रोन वायरस

लोगों में बहुत आसानी से प्रसारित होता है। पहला कारण यह है कि वायरस में पाए जाने वाले म्यूटेशन इसे मानव कोशिकाओं का अधिक आसानी से पालन करने की अनुमति देते हैं।



तीसरा कारण, वायरस का ऊपरी श्वसन पथ में रहना
तीसरा कारण, वायरस का ऊपरी श्वसन पथ में रहना

डब्ल्यूएचओ ने बताया कि

ओमीक्रोन

के इतनी आसानी से फैलने की एक वजह यह भी है कि यह वेरिएंट डेल्टा और कोरोना के अन्य वेरिएंट के विपरीत ऊपरी श्वसन पथ में अपना घर बना रहा है। इस तरह यह वेरिएंट सबसे अलग है। बाकी वेरिएंट फेफड़ों और निचले श्वसन पथ में हमला करते हैं।



दूसरा कारण, प्रतिरक्षा का कमजोर होना
दूसरा कारण, प्रतिरक्षा का कमजोर होना

डब्ल्यूएचओ बताया है कि

ओमीक्रोन

के तेजी से फैलने का दूसरा बड़ा कारण इम्यून एस्केप है। इसका मतलब यह है कि जो लोग कोरोना का टीका लगवा चुके हैं या पहले संक्रमित हो चुके हैं, ओमीक्रोन उन्हें भी अपनी चपेट में ले रहा है। यह देखा गया है कि दोनों खुराक लेने के बाद विकसित हुई प्रतिरक्षा एक समय बाद कमजोर पड़ने लगती है।



ओमीक्रोन की रोकथाम के उपाय
ओमीक्रोन की रोकथाम के उपाय

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि वायरस के जोखिम को कम करना बहुत जरूरी है ताकि हम उन मामलों की संख्या को कम कर सकें ताकि स्वास्थ्य प्रणाली के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों पर बोझ न पड़े। इसके लिए कुछ उपाय सरल हैं जिनमें टीकाकरण, सामाजिक दूरी का पालन करना, बड़ी सभाओं से बचना आदि शामिल हैं। लोगों को उन सभी उपायों का पालन करना चाहिए, जो उन्हें इससे सुरक्षित रख सकते हैं।





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