प्रोटीन के लिए खाते हैं अंडे का सिर्फ सफेद हिस्सा ? धीरे-धीरे शरीर को जकड़ लेंगी ये 5 बीमारियां
अंडे कई तरह के फायदेमंद पोषक तत्वों से भरे होते हैं। अंडे का सफेद हिस्सा और पीली जर्दी दोनों ही प्रोटीन, विटामिन और मिनरल जैसे पोषक तत्वों से भरे होते हैं। जर्दी में कोलेस्ट्रॉल, फैट सोल्यूबल विटामिन और आवश्यक फैटी एसिड भी होते हैं। इन दोनों चीजों में सेलेनियम, विटामिन डी, बी 6, बी 12 और जिंक, आयरन और कॉपर जैसे मिनरल्स भी पाए जाते हैं। अगर बात करें अंडे के पोषक (Egg Nutrition) तत्वों की ,तो, प्रोटीन के मामले में अंडा सबसे सस्ता और आसानी से उपलब्ध होने वाला खाद्य पदार्थ है। अंडे के सफेद हिस्से में आधे से ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है, जिसमें विटामिन बी2 भी होता है और जर्दी की तुलना में वसा की मात्रा कम होती है। अंडे में पाया जाने वाला सेलेनियम कैंसर से लड़ने वाला एंटीऑक्सीडेंट है। इसमें मौजूद फास्फोरस स्वस्थ हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में सहायता करता है। अंडे में कैल्शियम आपकी हड्डियों को मजबूत रहने में मदद करता है। जिंक आपकी इम्यून पावर को मजबूत बनाने का काम करता है। आपने अक्सर देखा होगा कि जिम जाने वाले और वजन कम करने वाले लोग अंडे का सिर्फ सफेद हिस्से का ज्यादा सेवन करते हैं। वो ऐसा मानते हैं कि सिर्फ सफेद हिस्से से उन्हें ज्यादा प्रोटीन मिलता है लेकिन ऐसा नहीं है। बेशक अंडा सेहत का भंडार है लेकिन हर चीज को खाने-पीने के कुछ नियम होते हैं। गलत तरीके से खाने से कुछ हेल्दी चीजें भी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं। अंडा भी उन्ही चीजों में से एक है।Side effects of egg yolk: बेशक अंडा सेहत का भंडार है लेकिन हर चीज को खाने-पीने के कुछ नियम होते हैं। गलत तरीके से खाने से कुछ हेल्दी चीजें भी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं। अंडा भी उन्ही चीजों में से एक है।

अंडे कई तरह के फायदेमंद पोषक तत्वों से भरे होते हैं। अंडे का सफेद हिस्सा और पीली जर्दी दोनों ही प्रोटीन, विटामिन और मिनरल जैसे पोषक तत्वों से भरे होते हैं। जर्दी में कोलेस्ट्रॉल, फैट सोल्यूबल विटामिन और आवश्यक फैटी एसिड भी होते हैं। इन दोनों चीजों में सेलेनियम, विटामिन डी, बी 6, बी 12 और जिंक, आयरन और कॉपर जैसे मिनरल्स भी पाए जाते हैं।
अगर बात करें
(Egg Nutrition) तत्वों की ,तो, प्रोटीन के मामले में अंडा सबसे सस्ता और आसानी से उपलब्ध होने वाला खाद्य पदार्थ है। अंडे के सफेद हिस्से में आधे से ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है, जिसमें विटामिन बी2 भी होता है और जर्दी की तुलना में वसा की मात्रा कम होती है। अंडे में पाया जाने वाला सेलेनियम कैंसर से लड़ने वाला एंटीऑक्सीडेंट है। इसमें मौजूद फास्फोरस स्वस्थ हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में सहायता करता है। अंडे में कैल्शियम आपकी हड्डियों को मजबूत रहने में मदद करता है। जिंक आपकी इम्यून पावर को मजबूत बनाने का काम करता है।
आपने अक्सर देखा होगा कि जिम जाने वाले और
वाले लोग अंडे का सिर्फ सफेद हिस्से का ज्यादा सेवन करते हैं। वो ऐसा मानते हैं कि सिर्फ सफेद हिस्से से उन्हें ज्यादा प्रोटीन मिलता है लेकिन ऐसा नहीं है। बेशक अंडा सेहत का भंडार है लेकिन हर चीज को खाने-पीने के कुछ नियम होते हैं। गलत तरीके से खाने से कुछ हेल्दी चीजें भी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं। अंडा भी उन्ही चीजों में से एक है।
एलर्जी होने का खतरा

अंडे के सफेद हिस्से से किसी तरह की एलर्जी हो सकती है, खासकर बच्चों में। इसके हल्के लक्षणों में रैशेज, पित्ती, सूजन, नाक बहना और आंखों में खुजली, पानी आना शामिल हो सकते हैं। अंडा का सफेद हिस्सा गंभीर एलर्जी का भी कारण बन सकते हैं जिसे एनाफिलेक्टिक शॉक कहा जाता है। यह रक्तचाप में गिरावट और आपके गले और चेहरे में गंभीर सूजन सहित कई लक्षणों का कारण बनता है।
फूड पॉइजनिंग का खतरा

अगर आप कच्चे अंडे का सफेद हिस्सा खा रहे हैं, तो इससे पेट में साल्मोनेला बैक्टीरिया जाने का खतरा होता है। इससे आपको
का खतरा हो सकता है। यह अंडे में या अंडे के छिलके पर मौजूद हो सकता है। साल्मोनेला को नष्ट करने के लिए अंडे को सही तरह उबालना बहुत जरूरी है।
बायोटिन अवशोषण को कम कर सकता है

कच्चे अंडे का सफेद हिस्सा पानी में घुलनशील विटामिन बायोटिन के अवशोषण में कमी ला सकता है, जो विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। बायोटिन ऊर्जा उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कच्चे अंडे का सफेद हिस्से में प्रोटीन एविडिन होता है, जो बायोटिन के अवशोषण को रोक सकता है।
किडनी की समस्या

बेशक प्रोटीन से भरपूर चीजों का सेवन स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है, लेकिन प्रोटीन का अधिक सेवन भी आपको नुकसान पहुंचा सकता है। अगर आप
से पीड़ित हैं, तो अधिक मात्रा में प्रोटीन खाना खतरनाक हो सकता है। इसके अलावा अंडे के प्रोटीन के उच्च जैविक मूल्य के कारण गुर्दे की चोट से पीड़ित हो सकते हैं।
कब्ज

हालांकि अंडे की सफेदी में प्रोटीन और कई अन्य विटामिन और खनिज होते हैं, लेकिन उनमें पर्याप्त फाइबर नहीं होता है। फाइबर की इस कमी से कब्ज हो सकता है। इसलिए अगर आपका पेट हमेशा खराब रहता है, तो आपको अधिक मात्रा में अंडे के सफेद हिस्से का सेवन नहीं करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
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