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Corona की तरह ये 4 रोग भी हैं संक्रामक, छींकने-खांसने से जकड़ लेते हैं पूरा शरीर

इन दिनों कोविड की रफ्तार कुछ कम हुई है। इससे जुड़े मामलों में भी कमी आई है। पिछले दो सालों में कोविड -19 इतना खतरनाक रहा है, कि हमारा ध्यान इसके अलावा किसी और बीमारी पर गया ही नहीं। या ये कहें कि 2020 के बाद से हम सभी ने रोगजनक से प्रेरित होने वाले श्वसन रोगों पर ध्यान देना कम कर दिया। लेकिन ध्यान रखें कि कोविड से उबरने के बाद यह समय अन्य बीमारियों पर भी नियंत्रण रखने का है। ये रोग हर मौसम में मानव जीवन पर तेज हमला करते रहे हैं। इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, इनके लक्षणों को समझना और इलाज करना बहुत जरूरी है। बता दें कि कोविड के रूप में श्वसन संबंधी बीमारियां दुनियाभर में सबसे ज्यादा होने वाली मौतों के लिए जिम्मेदार हैं। WHO की एक रिपोर्ट कहती हैं कि - 'श्वसन रोग दुनिया में मौत और विकलांगता के मुख्य कारण हैं। लगभग 65 मिलियन लोग क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मनरी डिसीज से पीडि़त हैं और हर साल 30 लाख लोग इससे मर जाते हैं'। जानकर हैरत होगी लेकिन श्वसन रोग दुनियाभर में मौत का तीसरा सबसे बड़ा कारण है। जी हां, ट्यूबरक्लोसिस, निमोनिया, इन्फ्लूएंजा जैसे श्वसन रोग कोविड के अलावा सबसे ज्यादा संक्रामक हैं। हर साल इन बीमारियों के चलते कई लोगों की जान चली जाती है।

हम सभी को लगता है कि कोविड ही सबसे खतरनाक बीमारी है, लेकिन ऐसा नहीं है। कोविड की तरह और भी ऐसे कई रोग हैं, जो बहुत ज्यादा खतरा पैदा करते हैं और संक्रामक भी हैं। अगर इन्हें अनदेखा किया गया, तो यह मौत की वजह भी बन सकते हैं।


Corona की तरह ये 4 रोग भी हैं संक्रामक, छींकने-खांसने से जकड़ लेते हैं पूरा शरीर

इन दिनों कोविड की रफ्तार कुछ कम हुई है। इससे जुड़े मामलों में भी कमी आई है। पिछले दो सालों में कोविड -19 इतना खतरनाक रहा है, कि हमारा ध्यान इसके अलावा किसी और बीमारी पर गया ही नहीं। या ये कहें कि 2020 के बाद से हम सभी ने रोगजनक से प्रेरित होने वाले श्वसन रोगों पर ध्यान देना कम कर दिया। लेकिन ध्यान रखें कि कोविड से उबरने के बाद यह समय अन्य बीमारियों पर भी नियंत्रण रखने का है। ये रोग हर मौसम में मानव जीवन पर तेज हमला करते रहे हैं। इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, इनके लक्षणों को समझना और इलाज करना बहुत जरूरी है।

बता दें कि कोविड के रूप में श्वसन संबंधी बीमारियां दुनियाभर में सबसे ज्यादा होने वाली मौतों के लिए जिम्मेदार हैं।

WHO की एक रिपोर्ट

कहती हैं कि - 'श्वसन रोग दुनिया में मौत और विकलांगता के मुख्य कारण हैं। लगभग 65 मिलियन लोग क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मनरी डिसीज से पीडि़त हैं और हर साल 30 लाख लोग इससे मर जाते हैं'। जानकर हैरत होगी लेकिन श्वसन रोग दुनियाभर में मौत का तीसरा सबसे बड़ा कारण है। जी हां, ट्यूबरक्लोसिस,

निमोनिया

, इन्फ्लूएंजा जैसे श्वसन रोग कोविड के अलावा सबसे ज्यादा संक्रामक हैं। हर साल इन बीमारियों के चलते कई लोगों की जान चली जाती है।



​इंफ्लुएंजा -
​इंफ्लुएंजा -

इंफ्लुएंजा या फ्लू कोविड से काफी हद तक जुड़ा हुआ था, जब तक कि दोनों रोगों के अलग-अलग लक्षणों की पहचान नहीं की गई थी। मौसमी इंफ्लूएंजा वायरस चार ए, बी, सी और डी। प्रकार के हैं- WHO की रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनियाभर में इस वार्षिक महामारी के कारण 3 से 5 मिलियन मामले और लगभग 290,000 से 650,000 श्वसन मौतें होने का अनुमान है।

फ्लू के सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द,

नाक बहना और गले में खराश

शामिल है। अगर आपको दो सप्ताह से ज्यादा समय तक खांसी रहती है , तो फ्लू के लिए टेस्ट जरूर कराना चाहिए। हालांकि कई लोग इससे जल्दी ठीक हो जाते हैं, लेकिन कई लोगों में यह गंभीर होकर मौत की वजह भी बन सकता है।



​निमोनिया के लक्षण
​निमोनिया के लक्षण

थोड़ा चलते ही सांस फूलने लगना या सांस लेने में दर्द होना निमोनिया के सामान्य लक्षण हैं। दरअसल, फेफड़ों में मौजूद छोटी थैली जिसे एल्वियोली कहा जाता है , मवाद और तरल पदार्थों से भरी होती है, जिससे व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ महसूस होती है।

निमोनिया के अन्य लक्षणों

में सीने में दर्द, खांसी , थकान, बुखार , जी मचलाना, दस्त उल्टी, पसीना आना और ठंड लगना शामिल है।



​निमोनिया-
​निमोनिया-

आमतौर पर

निमोनिया वायरस

, बैक्टीरिया या फंगी के कारण होता है। स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिया, हीमोफिलिस इंफ्लूएंजा टाइप बी, रेस्पिरेटरी सिंकाइटियल वायरस और न्यूमोसिस्टिस जीरोवेसी आम प्रकार के रोगजनक हैं, जो निमोनिया की वजह बनते हैं। यह बीमारी हर साल बच्चों में होने वाले मौतों का 14 प्रतिशत हिस्सा है। डॉक्टर्स कहते हैं कि निमोनिया बहुत ज्यादा संक्रामक है।

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, आमतौर पर बच्चे के नाक और गले में पाए जाने वाले वायरस और बैक्टीरिया सांस लेने पर फेफड़ों को संक्रमित कर सकते हैं। ये खांसने या छींकने से हवा से निकलने वाली बूंदों से भी फैल सकते हैं। इसके अलावा निमोनिया खून के जरिए भी फैलता है। खासकर जन्म के दौरान और जन्म के तुरंत बाद।



​टीबी (Tuberculosis)
​टीबी (Tuberculosis)

टीबी फेफड़ों की बीमारी

है, जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस के कारण होती है। WHO के अनुसार, टीबी दुनिया के सबसे ज्यादा संक्रामक रोगों में से एक है। आंकड़ों के अनुसार सल 2020 से अब तक 1.5 मिलियन लोगों की इससे मौत हो चुकी है। WHO ने बताया कि दुनियाभर में टीबी मौतों का 13वां मुख्य कारण है और कोविड-19 के बाद दूसरा खतरनाक संक्रामक रोग है। आमतौर पर टीबी का पता तब चलता है जब खून और बलगम वाली खांसी तीन हफ्ते से ज्यादा समय तक रहती है। टीबी के अन्य लक्षणों में सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, , वजन कम होना, थकान, बगुखार , ठंड लगना शामिल हैं।



​मीज़ल्स या खसरा
​मीज़ल्स या खसरा

2018 में दुनियाभर में करीब 1,40, 000 लोगों की मौत का दावा करने वाली एक और संक्रामक बीमारी खसरा है, जिसे मीज़ल्स भी कहते हैं। खसरा पैरामाइक्सोवायरस परिवार में एक वायरस के कारण होता है । ये हवा और सीधे संपर्क के जरिए फैलता है। वायरस के संपर्क में आने के 10-12 दिन बाद बुखार, आंखों से पानी आना, नाक बहना, खांसी, गाल के अंदर छोटे सफेद धब्बे खसरे के कुछ सामान्य से लक्षण हैं। कई दिनों के संक्रमण के बाद चेहरे और गर्दन पर चकत्ते दिखाई देने लगते हैं, जो 5-6 दिनों के बाद दूर हो जाते हैं।

तो अब आप समझ ही गए होंगे कि यहां बताए गए सभी रोग कोविड जितने ही खतरनाक और संक्रामक हैं। कोरोना से बचाव अब भी जरूरी है, लेकिन इन रोगों को अनदेखा न करें। कोविड की तरह ये भी आपके जान के दुश्मन बन सकते हैं।

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डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।





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